उत्तरप्रदेश की योगी सरकार की उत्कृष्ट प्रबंधकीय व्यवस्था का अनुपम उदाहरण है महाकुंभ 2025
@ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस "मैं कहाँ और आप कहाँ, यह एहसास ही तो नहीं, मुझमें और आप में! इसलिए अनवरत संघर्षरत हैं, अपनी एहमियत को स्थापित करने की, संघर्ष भरी! कंटकाकीर्ण जिंदगी की यात्रा में!" यानी मैं और आप के अंतर और विभिन्न पदेन संघर्षपूर्ण यात्रा से प्राप्त प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की ऊंचाइयों पर पहुंचे, संत, संन्यासी, राजनीतिज्ञ, न्याय की मूर्ति न्यायाधीश, लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा, जनप्रतिनिधित्व के प्रतीक, समाज की व्यवस्था को यथार्थ की ऊसर, अनुपजाऊ भूमि के साथ उर्वरा भूमि में तब्दील करने को प्रतिबद्ध, विभिन्न प्रलोभनों एवं व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समष्टि की समृद्धि का आवरण होकर नितांत व्यैक्तिक उपलब्धियों के लिए प्रयासरत, सभी वर्गों के लोग! क्योंकि हम भारत के लोग ही भारतीय लोकतंत्र की आन-बान-शान हैं। परन्तु प्रत्येक वर्ग के उच्च शिखर पर बैठे और उस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिष्ठित भारत के नागरिक, चाहे वह पूज्य संत हो, माननीय राजनीतिज्ञ हों, न्याय के लिए प्रतिबद्धता के साथ जनता की उम्मीदों के न्याय का प्रकाश पुंज न्यायाधीश हो और क...