कर्मचारी भविष्य निधि से उठाइए लाभ, पर जरूरी है अपेक्षित सावधानियां
# कर्मचारी भविष्य निधि से उठाइए लाभ, पर जरूरी है अपेक्षित सावधानियां @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार देश-प्रदेश में कोई भी सेवारत व्यक्ति सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना चाहता है, जिसमें उसके लिये कर्मचारी भविष्य निधि यानि ईपीएफ बहुत सहायक होते हैं। भले ही अधिकतर कर्मचारियों के लिए यह अनैच्छिक बचत होती है, लेकिन सेवानिवृत्ति, असामयिक मृत्यु या अपंगता की स्थिति में कर्मचारी और उसके परिवार के लिये ये अत्यंत लाभदायक होते हैं। क्योंकि इस निधि में कर्मचारी के मासिक वेतन से कुछ अंश यानी कि मूल वेतन का 12.5 प्रतिशत स्रोत पर ही काट कर जमा कर लिया जाता है। साथ ही, इसके बराबर राशि नियुक्तिकर्ता द्वारा भी जमा कराई जाती है, जिस पर 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि कर्मचारी की आयु 25 वर्ष है और उसका तत्कालीन वेतन 20 हजार रुपये है, तो यह मानकर चलें कि ईपीएफ में 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और हर वर्ष उसके वेतन में 5 प्रतिशत की बचत होती है। ऐसे में यदि वह हर माह अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 प्रतिशत ईपीएफ में जमा कराता है...