ShardaCare-HealthCity organized a National Doctors' Day CME and an HLA typing camp for children with thalassemia in Gorakhpur.

शारदाकेयर-हेल्थसिटी ने गोरखपुर में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस सीएमई एवं थैलेसीमिया बच्चों के लिए एचएलए टाइपिंग शिविर का किया आयोजन

शारदाकेयर-हेल्थसिटी ने गोरखपुर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) ओपीडी शुरू करने की घोषणा की

4 जुलाईः राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर हीमैटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर सीएमई का आयोजन

5 जुलाईः 30 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की एचएलए टाइपिंग एवं बीएमटी डोनर की पहचान के लिए 120 रक्त नमूने एकत्र किए गए।
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@ कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया ऑनलाइन

गोरखपुर, 5 जुलाईः राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर चिकित्सा जागरुकता और मरीजों की बेहतर देखभाल पर विशेष ध्यान देते हुए शारदाकेयर-हेल्थसिटी, ग्रेटर नोएडा ने गोरखपुर में दो दिवसीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में हीमैटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) में नवीनतम प्रगति पर कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) तथा इसके बाद थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए एचएलए टाइपिंग शिविर आयोजित किया गया।
रेडिसन ब्लू, गोरखपुर में आयोजित सीएमई में प्रमुख चिकित्सकों, हीमैटोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान रक्त संबंधी बीमारियों की पहचान और उपचार, बोन मैरो ट्रांसप्लांट तथा बहु-विषयक मरीज देखभाल में हुए नवीनतम विकास पर चर्चा की गई। यह शैक्षणिक सत्र ज्ञान साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना और मरीजों के बेहतर उपचार परिणामों के लिए निरंतर चिकित्सा शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पवन कुमार सिंह, वाइस चेयरमैन हीमैटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, शारदाकेयर-हेल्थसिटी, ने रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों के बेहतर उपचार परिणामों के लिए समय पर पहचान और उपयुक्त डोनर की पहचान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट एकमात्र स्थायी उपचार है। समय पर एचएलए टाइपिंग करना उपयुक्त स्टेम सेल डोनर की पहचान का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की पहल का उद्देश्य केवल समय पर पहचान सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि परिवारों को उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में जागरूक करना भी है। हम पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों तक उन्नत बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
कार्यक्रम के दूसरे दिन शारदाकेयर-हेल्थसिटी ने सीआरसी सेंटर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज तथा पूर्वांचल थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में एचएलए टाइपिंग शिविर आयोजित किया। शिविर के दौरान 30 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की एचएलए टाइपिंग की गई, जबकि 120 रक्त नमूने मरीजों और उनके परिवार के सदस्यों से एकत्र किए गए, ताकि बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) के लिए उपयुक्त स्टेम सेल डोनर की पहचान की जा सके।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण गोरखपुर में शारदाकेयर-हेल्थसिटी की आगामी बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) ओपीडी की घोषणा रही। यह ओपीडी थैलेसीमिया और अन्य रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, प्री-ट्रांसप्लांट मूल्यांकन तथा फॉलो-अप देखभाल की सुविधा प्रदान करेगी। इस पहल से गोरखपुर और आसपास के जिलों के मरीजों को विशेषज्ञ बीएमटी सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज़ की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
इस कार्यक्रम में डॉ. पवन कुमार सिंह, वाइस चेयरमैन हिमेटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, महापौर, गोरखपुर, डॉ. राजेश झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), गोरखपुर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य, बी आर डी मेडिकल कॉलेज, मेजर जनरल विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत), डायरेक्टर, एम्स गोरखपुर, डॉ. आशीष शुक्ला अध्यक्ष, आईएमए गोरखपुर, श्री राजेंद्र फोगला, संयुक्त सचिव,हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति तथा श्री संजय गर्ग, अध्यक्ष, पूर्वांचल थैलेसीमिया चैरिटेबल ट्रस्ट सहित वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सा जगत के कई सदस्य उपस्थित रहे।

शारदा हॉस्पिटल एवं शारदाकेयर-हेल्थसिटी की ग्रुप सीईओ डॉ कौसर शाह ने कहा, "शारदाकेयर-हेल्थसिटी में हमारा मानना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पताल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक सहयोग, सामुदायिक जागरूकता और एचएलए टाइपिंग शिविर जैसे विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि थैलेसीमिया से जूझ रहे प्रत्येक बच्चे को समय पर पहचान, विशेषज्ञ परामर्श और उन्नत उपचार मिल सके। गोरखपुर में हमारी बीएमटी ओपीडी की शुरुआत इस क्षेत्र के लोगों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
सीएमई और एचएलए टाइपिंग शिविर का सफल आयोजन चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने, समय पर पहचान को प्रोत्साहित करने तथा सहयोगात्मक स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से जीवनरक्षक बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रति शारदाकेयर-हेल्थसिटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
# डॉ पवन कुमार सिंह के बारे में जानिए:

 डॉ. पवन कुमार सिंह,एमबीबीएस, एमडी, डीएम (क्लिनिकल हेमेटोलॉजी) उपाध्यक्ष,हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बीएमटी विभाग, शारदाकेयर -हेल्थसिटी

डॉ. पवन कुमार सिंह एक प्रख्यात हेमेटो-ऑन्कोलॉजिस्ट और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ हैं, जिन्हें 15 वर्षों से अधिक का नैदानिक अनुभव है। उन्होंने प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से हेमेटोलॉजी में डीएम की उपाधि प्राप्त की है। डॉ. सिंह को ऑटोइम्यून रोगों, विशेष रूप से मल्टीपल स्केलेरोसिस में सबसे अधिक हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल प्रत्यारोपण करने के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने वयस्क और बाल रोगियों दोनों में 1,000 से अधिक रक्त और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए हैं, जिनमें एमएसडी, एमयूडी और हैप्लो आइडेंटिकल प्रत्यारोपण शामिल हैं। वे बाल चिकित्सा ठोस ट्यूमर के उपचार में भी विशेषज्ञ है और अनुसंधान एवं अकादमिक प्रकाशनों में सक्रिय रूप से संलग्न है।
*विशेषज्ञता का क्षेत्र: 
*रक्त से संबंधित सभी विकार
*ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा
*उच्च खुराक और प्रेरण कीमोथेरेपी (एएमएल, एएलएल,एमपीएएल)
*रक्त संबंधी दुर्दमताओं में लक्षित और प्रतिरक्षा चिकित्सा
*एलोजेनिक अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (एमएसडी, एमयूडी, हैप्लो)
*एप्लास्टिक एनीमिया और अस्थि मज्जा विफलता सिंड्रोम
*CAR-T सेल थेरेपी
*उच्च जोखिम वाले और जटिल प्रत्यारोपण मामले
*विशेष नैदानिक परिस्थितियों में अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण
(यहोवा के साक्षी रोगी, एचआईवी, वायरल संक्रमण, डायलिसिस पर क्रोनिक किडनी रोग)
*थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग
*ऑटोइम्यून बीमारियों, विशेष रूप से मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लिए ऑटोलॉगस बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी)
*ग्राफ्ट प्रत्यारोपण और टी-सेल-क्षीण हैप्लो आइडेंटिकल बीएमटी
# शारदाकेयर-हेल्थसिटी के बारे में जानिए

शारदाकेयर-हेल्थसिटी ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर का 600 बिस्तरों वाला सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है, जो आधुनिक चिकित्सा सेवाओं, अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं के नए मानक स्थापित कर रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में 18 वर्षों के अनुभव के साथ यह अस्पताल विभिन्न विशेषज्ञताओं में व्यापक और मरीज-केंद्रित उपचार प्रदान करने वाला एक विश्वसनीय नाम है। चिकित्सा विशेषज्ञता, शोध और शिक्षा की मजबूत नींव पर आधारित शारदाकेयर-हेल्थसिटी अत्याधुनिक सुविधाओं, उन्नत उपचार तकनीकों तथा प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रोफेसरों की बहु-विषयक टीम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपनी समृद्ध विरासत के साथ, अस्पताल उत्कृष्टता, नवाचार और संवेदनशील देखभाल के माध्यम से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा के भविष्य को नई पहचान दे रहा है।

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