Burning questions regarding institutional registration and funding, such as that of the RSS. (आरएसएस जैसे संस्थागत रजिस्ट्रेशन और फंडिंग के दृष्टिगत सुलगते सवाल)
आरएसएस जैसे संस्थागत रजिस्ट्रेशन और फंडिंग के दृष्टिगत सुलगते सवाल https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक किसी भी सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक या गैर-सरकारी संगठन (NGO) के संदर्भ में जब उसके रजिस्ट्रेशन, वित्तीय स्रोतों और धन के उपयोग को लेकर सवाल उठते हैं, तो यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक विश्वास का प्रश्न बन जाता है।आखिर ये सवाल क्यों उठते हैं कि फलां-फलां संगठन की कानूनी स्थिति क्या है? क्या वह सोसायटी, ट्रस्ट, कंपनी या किसी अन्य स्वरूप में पंजीकृत है? https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 स्वाभाविक सवाल है कि यदि पंजीकृत नहीं है, तो उसकी गतिविधियां किस कानूनी ढांचे के अंतर्गत संचालित हो रही हैं? उसकी फंडिंग का स्रोत क्या है? धन आम जनता के दान से आता है या संस्थागत सहयोग से? क्या विदेशी स्रोतों से वित्तीय सहायता प्राप्त होती है? क्या सभी वित्तीय स्रोत संबंधित कान...