हिंदुत्व पर फिदा हुए वोटर, तुष्टीकरण की निकल गई कचूमर!
हिंदुत्व पर फिदा हुए वोटर, तुष्टीकरण की निकल गई कचूमर! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने हिंदुत्व की राजनीति को केवल चुनावी नहीं, बल्कि वैचारिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी बड़ा बल दिया है। विशेषकर उन राज्यों में, जहाँ पहले भाजपा या हिंदुत्व आधारित राजनीति को सीमित माना जाता था, वहाँ मिली सफलता ने यह संदेश दिया है कि हिंदुत्व अब केवल उत्तर भारत की राजनीतिक धारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का स्थायी केंद्र बन चुका है। अब यह स्पष्ट हो चुका है कि हिंदुत्व केवल धार्मिक विचार नहीं, बल्कि “राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान” का राजनीतिक मॉडल है। यही वजह है कि हिंदुत्व पर वोटर फिदा हुए, जिससे सियासी तुष्टीकरण की कचूमर निकल गई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीति का नया संदेश दे दिया है, वह यह कि अब वोटर केवल जातीय समीकरण या तुष्टीकरण की राजनीति से प्रभावित नहीं हो रहा, बल्कि वह सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रवाद, सुरक्षा और मजबूत नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहा है। हि...