पुण्य की एफडी: डीएम डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने निराश्रित गोवंश के निमित्त भूसा दान अभियान शुरू किया


पुण्य की एफडी: डीएम डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने निराश्रित गोवंश के लिए भूसा दान अभियान शुरू किया

# मानवीय संवेदना का परिचय: बेसहारा पशुओं के भरण-पोषण हेतु जिलाधिकारी की अपील

# उत्तरप्रदेश के जनपदीय प्रभारी मंत्री ए के शर्मा, मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव पशुपालन ने जिला प्रशासन की अनूठी पहल की सराहना की

# गोवंश सेवा, भूसादान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे जनपदवासी

# दानदाता अर्जित कर रहे पुण्य की एफडी, निराश्रित गोवंश के लिए जिला प्रशासन की अनूठी पहल
राजनैतिकदुनिया संवाददाता
जौनपुर 25 अप्रैल। जनपद में निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं उनके भरण-पोषण के लिए डीएम डॉ दिनेश चंद्र चलाए जा रहे विशेष भूसा दान अभियान की राज्य के मुख्य सचिव ने भी सराहना की है, क्योंकि इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी सिंह जनसहभागिता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा यह सराहनीय पहल की गई है, जो देश-प्रदेश के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है। 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मनोभावनाओं के अनुरूप जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने गोवंश के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी भूसा दान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने वाले संभ्रांत जन, कृषक, जिन्होंने विभिन्न गोशालाओं में भूसा दान देकर निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनका आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से गोवंश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, किंतु जनसहयोग के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन प्राप्त होने पर उनके बेहतर पोषण एवं देखभाल में भरपूर सहायता मिलती है। साथ ही गोधन संरक्षण-सम्बर्धन की प्रेरणा भी मिलती है।
इसी क्रम में इस वर्ष भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्वेच्छा से भूसा दान करने वाले दानदाताओं को “पुण्य की एफडी” के रूप में एक प्रतीकात्मक प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। जनपद के प्रभारी मंत्री ए के शर्मा, मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव पशुपालन ने बताया कि शासन की ओर से गोवंश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, किंतु जनसहयोग के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन प्राप्त होने पर उनके बेहतर पोषण एवं देखभाल में भरपूर सहायता मिलती है। इसलिए जिलाधिकारी की पहल सराहनीय है।

जिलाधिकारी ने दान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में परोपकार की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे तथा अपने स्वयं के शब्दों को पिरोकर रचित काव्य की निम्नलिखित पंक्तियों का उल्लेख किया-
        ''तुलसी पंछिन के पिए, घटे न सरिता नीर ।
          दान दिये धन ना घटे, जो सुहाय रघुवीर।
           दान दिए धन ना घटे, मिले पुण्य असीम।
           आओ मिल करे चोकर भूसा दान, नित गोवंश के कल्याणार्थ।
           मिले "पुण्य की एफ.डी.", काम आये नित जीवन काल,
          काम आये नित जीवन काल।।"
साथी ही पंक्ति दर पंक्ति के मतलब का उल्लेख करते हुए बताया कि दान करने से धन में कोई कमी नहीं आती, बल्कि इससे असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। जिस प्रकार नदी का जल सभी जीवों द्वारा उपयोग किए जाने पर भी कम नहीं होता, उसी प्रकार दान देने से व्यक्ति की समृद्धि कम नहीं होती। यही वजह है कि इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत नागरिकों से अपील की गई है कि वे निराश्रित गोवंश के कल्याणार्थ अधिक से अधिक भूसा दान देकर इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें और “पुण्य की एफडी” प्रमाण पत्र प्राप्त करें। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि आमजन अपने घरों के आसपास पशु-पक्षियों के लिए जल एवं दाना की व्यवस्था कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दें।

इसी क्रम में नगर पालिका परिषद, जौनपुर के कृषि भवन स्थित गौशाला में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार अंबष्ट द्वारा 18 क्विंटल भूसा दान किया गया, जिसपर जिलाधिकारी द्वारा मुख्य राजस्व अधिकारी को “पुण्य की एफडी” प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। बता दें कि अब तक जनपद में 10000 क्विंटल से भी अधिक भूसा दान के माध्यम से संग्रहित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी द्वारा पुनः सभी दानदाताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में जुड़ने की अपील की गई है।

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