दिल्ली शराब घोटाले में आप नेताओं को मिली न्यायिक जीत के राजनीतिक मायने
दिल्ली शराब घोटाले में आप नेताओं को मिली न्यायिक जीत के राजनीतिक मायने
@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (आप) को राउज एवेन्यू कोर्ट से न्यायिक राहत मिली है, जहां अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपी बरी हो गए। मसलन, कोर्ट ने सीबीआई के सबूतों को कमजोर बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार, 27 फरवरी को
अपना फैसला सुनाया। वह यह कि शराब नीति में कोई साजिश या आपराधिक इरादा साबित नहीं हुआ। इसलिए अदालत ने 600 पेज के आदेश में स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूतों के आरोप टिक नहीं सकते।
वहीं, सीबीआई ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील का फैसला लिया है। बावजूद इसके निचली अदालत में आप नेताओं की यह जीत पूरी आप पार्टी की सियासत के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनेगी, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनावों 2030 से पहले। क्योंकि पार्टी अब दावा कर सकती है कि केंद्र की एजेंसियों ने राजनीतिक विद्वेष यानी बदले की भावना के तहत फंसाया। यही नहीं, पंजाब-गुजरात जैसे राज्यों में आप का आधार मजबूत होगा और विपक्षी एकता में वापसी आसान होगी।
इस बात में कोई दो राय नहीं कि दिल्ली शराब घोटाले में कोर्ट की बरी की फैसले ने आम आदमी पार्टी (AAP) को दिल्ली विधानसभा चुनावों (संभावित 2030 में) के लिए बड़ा राजनीतिक बढ़ावा दिया है। यह पार्टी के 'राजनीतिक साजिश' के नैरेटिव को मजबूत करेगा। इस फैसले से AAP की 'ईमानदार छवि' को पुनर्जीवित कर सकेगी, जो घोटाले के कारण धूमिल हो गई थी। वहीं केजरीवाल-सिसोदिया की रिहाई जनता में सहानुभूति पैदा करेगी, खासकर निचले वर्गों में।
लिहाजा, वोटर आधार पर असर स्वाभाविक है। खासकर पार्टी के कोर वोटर (शहरी गरीब, युवा) लामबंद होंगे, क्योंकि यह केंद्र की एजेंसियों (CBI-ED) पर 'बदले' का आरोप मजबूत करता है। हालिया MCD हार के बाद साख सुधारने का मौका मिला। इसलिए पार्टी को शासन के मुद्दों (जैसे प्रदूषण, बुनियादी ढांचा) पर फोकस करना होगा। हालांकि, आप नेताओं की चुनौतियां अभी बरकरार हैं, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग केस (ED) अभी चल रहा है, जो आप की मुश्किलें जारी रखेगा। वहीं बीजेपी ने इसे 'कानूनी प्रक्रिया अधूरी' बताकर हमला बोला है। पार्टी को साख बहाली और संगठन मजबूत करने की चुनौती है।
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