जानिए कैसे बनें सरकारी या निजी अध्यापक, कौन सी डिग्री बनाएगी आपको बेहद सफल
जानिए कैसे बनें सरकारी या निजी अध्यापक, कौन सी डिग्री बनाएगी आपको बेहद सफल
@ कमलेश पांडे/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
किसी भी समाज में शिक्षक की महत्ता सर्वोपरि है। गुरुकुल शिक्षा पद्धति से लेकर कॉरपोरेट एजुकेशन कल्चर तक में ज्ञान के आयाम और तकनीक भले ही बदले, लेकिन शिक्षा और शिक्षक की उपयोगिता सदैव बरकरार रही। तभी तो हमारे समाज में शिक्षक अथवा गुरुजी को पूजनीय स्थान प्राप्त है। इसके अलावा, नए आर्थिक परिवेश में पैसे की कमी भी इस पेशे में नहीं रही, बशर्ते कि किसी में वास्तविक टैलेंट हो।
हालांकि, निजी क्षेत्र की तमाम दुश्वारियों से दूर रहने के लिए आज भी हर युवक सरकारी नौकरी की चाह रखता है, क्योंकि यह काफी प्रतिष्ठाजनक नौकरी होती है। यही वजह है कि कई लोग इंटरमीडिएट करने के बाद प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स या स्नातक (ग्रेजुएशन) करने के बाद बीएड आदि करके से शिक्षण (टीचिंग) में ही अपना करियर बनना चाहते हैं। यह बात दीगर है कि कई बार उनको सही मार्गदर्शन उचित वक्त पर नहीं मिल पता, जिससे वो सफल नहीं हो पाते।
लिहाजा, स्पष्ट कर दें कि अगर आप शिक्षक बनने के लिए निर्धारित डिग्री प्राप्त करके उससे सम्बन्धित पात्रता परीक्षा पास चुके हैं, तो सरकारी शिक्षक बनने के लिए निकलने वाली नौकरियों पर अपनी नजरें गड़ाए रखें। क्योंकि अवसर गंजा होता है, जो किसी की पकड़ में प्रायः नहीं आता। फिर भी यदि पाठ्यक्रम पर आपकी पकड़ है और विभिन्न परीक्षाएं अच्छे अंकों से पास कर चुके हैं तो आप टीचिंग जॉब्स वेबसाइट पर भी निजी स्कूलों में रोजगार की खोज कर सकते हैं।
# शिक्षक: एक शानदार, ईमानदार और जानदार पेशा
सबसे पहले मैं आपको यही सुझाव दूंगा कि आप टीचिंग लाइन में करियर बनाने से पहले एक बार ये जरुर सोच लें कि आपको इसमें अभिरुचि है या नहीं। या फिर किसी और लाइन में। क्योंकि हम जिस लाइन में करियर बनाने जा रहे हैं, उसमें हमारी अभिरुचि का होना बहुत जरुरी है, तभी हम उसमें सफलता हासिल कर सकते हैं। इसलिए यदि आप टीचर बनना चाहते हैं तो प्राइमरी, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक और विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर तक की टीचिंग तकनीकों पर गौर कीजिए।
आगे हम आपको बता रहे हैं शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य डिग्रियों के बारे में, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि प्रायः सही जानकारी के अभाव में लोग भटक जाते हैं:-
# यदि आप बीएड- बैचलर ऑफ एजुकेशन करेंगे तो टीजीटी में मिलेगा मौका
शिक्षण यानी टीचिंग में कॅरियर बनाने के लिए ज्यादातर युवक यही रास्ता अपनाते हैं क्योंकि यदि आप टीचर बनना चाहते हैं तो बी.एड. आपके लिए बहुत ही उपयोगी है। वैसे बी.एड. करने के लिए किसी भी अभ्यर्थी को स्नातक यानी ग्रेजुएशन पास होना बहुत जरुरी है। तभी वो बी.एड. के लिए योग्य माना जायेगा। साथ ही, बी.एड. में प्रवेश लेने से पहले किसी भी अभ्यर्थी का प्रवेश परीक्षा लिया जाता है, जिसे पास करने के बाद ही अभ्यर्थी बी.एड. में प्रवेश ले सकता है। बता दें कि बीएड प्रवेश परीक्षा हर साल करवाई जाती है जो की राज्य स्तरीय परीक्षा होती है। उसे पास करने के बाद अभ्यर्थी बी.एड के लिए आवेदन कर सकता है। आपके लिए यह भी जानना जरूरी है कि वर्ष 2015 से बी.एड. कोर्स की अवधि 2 वर्षों की कर दी गयी है, जबकि इससे पहले यह महज एक वर्ष की हुआ करती थी। बीएड करने के बाद आप प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय में शिक्षक की नौकरी पा सकते हैं।
# यूपी से बीटीसी- बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट की डिग्री लीजिए और बनिए शिक्षक
शिक्षा जगत में बीटीसी कोर्स की अपनी गरिमा है, क्योंकि यह कोर्स सिर्फ उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए ही होता है। इसमें केवल उत्तर प्रदेश के युवा ही भाग ले सकते हैं। यह कोर्स दो साल का होता है और इसमें अभ्यर्थी की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। इसमें एडमिशन लेने के लिए अभ्यर्थी का ग्रेजुएशन होना जरुरी है। साथ ही, उनका उम्र 18 वर्ष से अधिक और 30 वर्ष से कम होना भी जरुरी है, तभी वे इसमें प्रवेश ले सकेंगे। इस कोर्स को करने के बाद अभ्यर्थी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में पढ़ाने के योग्य हो जाते हैं।
# युवाओं में बीपीएड- बैचलर ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री का भी अलग है क्रेज
कहा जाता है कि बीपीएड का कोर्स करने के बाद युवाओं के पास रोजगार के अवसर बहुत अधिक बढ़ जाते हैं, क्योंकि प्राइवेट और सरकरी स्कूलों में हर साल फिजिकल एजुकेशन के लिए हजारों पदों पर भर्तियां निकाली जाती हैं। इसलिए इसमें रोजगार के अवसर ज्यादा होते हैं। हां, आपके लिए यह जानना जरूरी है कि फिजिकल एजुकेशन भी 2 तरह के होते हैं:- पहला, ग्रेजुएशन पास के लिए और दूसरा, 12 वीं पास के लिये। अगर आप ग्रेजुएशन पास हों और जिसमें आपका फिजिकल सब्जेक्ट था तो आप बीपीएड का एक साल का कोर्स कर सकते हैं। वहीं, अगर आपने 12 वीं की परीक्षा पास किया है और 12 वीं में फिजिकल विषय था तो आप इसमें 3 साल का ग्रेजुएशन करके स्कूल शिक्षक का रोजगार पा सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थी को प्रवेश जांच परीक्षा और फिजिकल फिटनेस टेस्ट देना होता है। साथ में, लिखित जांच परीक्षा भी लिया जाता है। उसमें पास होने पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है, जिसे पास करना जरूरी है। फिर, आपको इसमें आसानी से अच्छा रोजगार मिल जायेगा।
# जानिए एनटीटी- नर्सरी टीचर ट्रेनिंग के बारे में
एनटीटी कोर्स 12वीं पास करने के बाद करवाया जाता है। बड़े शहरों में इस कोर्स को ज्यादा मान्यता दी जाती है। इसमें 12वीं के अंक या प्रवेश जांच परीक्षा के आधार पर युवाओं को एडमिशन दिया जाता है। यह कोर्स 2 वर्षों का होता है, जिसे करने के बाद आप नर्सरी तक पढ़ाने के योग्य माने जाते हैं।
# यदि आप डीएड- डिप्लोमा इन एजुकेशन हैं तो बन सकते हैं प्राइमरी टीचर
डीएड कोर्स 12 वीं पास युवाओं को प्राइमरी टीचर बनाने के लिए करवाया जाता है। बहरहाल यह कोर्स बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में करवाया जाता है। इसमें एडमिशन लेने के लिए आपका 12 वीं पास होना जरुरी है। क्योंकि इसमें 12 वीं कक्षा के मार्क्स के आधार पर एडमिशन दिया जाता है। यह कोर्स करने के बाद आप प्राइमरी स्कूल में पढ़ा सकते हैं।
# जेबीटी- जूनियर टीचर ट्रेनिंग कीजिए और बन जाइए जूनियर टीचर
जूनियर टीचर ट्रेनिंग कोर्स, प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग के लिए होता है, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता 12 वीं पास रखी गयी है। इस कोर्स के लिए कुछ जगह पर मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाता है, जबकि कुछ जगह पर प्रवेश जांच परीक्षा से ही एडमिशन दिया जाता है। क्योंकि जूनियर टीचर ट्रेनिंग कोर्स करने के बाद आप प्राइमरी टीचर बनने के लिए योग्य हो जाते हैं।
दरअसल, मैंने आपको ऊपर में जो कोर्स बताये हैं, वो टीचर बनने के लिए बेहद जरुरी होते हैं। बावजूद इसके, अगर आपको सरकारी अध्यापक बनना है तो कुछ परीक्षा भी देनी पड़ेगी। जिसकी जानकारी मैं नीचे दे रहा हूं। इसलिए इस पर गौर फरमाइए और फिर तय कीजिए कि आपको करना क्या है और उसमें से कौन सी परीक्षा पास करनी है। क्योंकि जब आप कोई भी एक परीक्षा पास कर लेंगे तो आसानी पूर्वक सरकारी शिक्षक की नौकरी पा सकते हैं। सरकारी शिक्षक बनने के लिए जरुरी परीक्षाएं निम्नलिखित हैं:-
# सरकारी शिक्षक बनना है तो पास कीजिए टीईटी- शिक्षक योग्यता परीक्षा
सरकारी शिक्षक बनने के लिये टीईटी परीक्षा पास करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। बहरहाल बीएड किया हुआ कोई भी अभ्यर्थी इस परीक्षा में भाग ले सकता है। क्योंकि बीएड करने के बाद टीईटी परीक्षा को पास करना जरुरी है। यह बात दीगर है कि बीएड के वो स्टूडेंट्स भी ये परीक्षा दे सकते हैं जिनका अभी रिजल्ट नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि टीईटी का सर्टिफिकेट 5 साल के लिए मान्य है और 5 साल बाद आप वापिस टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। फिर परीक्षा पास करके नया सर्टिफिकेट पा सकते हैं।
# केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए सीटीईटी- केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा कर दी गई है अनिवार्य
केंद्रीय विद्यालय, दिल्ली के सरकारी स्कूल, तिब्बती स्कूल और नवोदय विद्यालय में शिक्षक बनाने के लिए आपको सीटीईटी पास करना जरुरी है। यह परीक्षा सीबीएसई के द्वारा करवाई जाती है। इस परीक्षा में वो ही युवा भाग ले सकते हैं, जिन्होंनेे बीएड की हुई हो। साथ ही, इस परीक्षा को पास करने के लिए कम से कम साठ प्रतिशत अंक (मार्क्स) लाना जरुरी है। इस परीक्षा का सर्टिफिकेट सात साल तक मान्य रहता है। इसके बाद आप दुबारा इसकी परीक्षा देकर नया सर्टिफिकेट पा सकते हैं।
# दिल्ली और यूपी में बेहद लोकप्रिय है टीजीटी और पीजीटी
चाहे टीजीटी हो या पीजीटी, यह दोनों परीक्षाएं स्टेट लेवल पर आयोजित की जाती हैं, जो मुख्य रूप से यूपी और दिल्ली में बहुत लोकप्रिय हैं। वैसे भारत में हर राज्य (स्टेट) में यह परीक्षा आयोजित करवाई जाती है और कोई भी योग्य अभ्यर्थी इसमें आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह कि टीजीटी के लिए जहां ग्रेजुएशन और बीएड पास होना जरुरी है, वहीं पीजीटी के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन और बीएड होना बहुत जरुरी है। गौरतलब है कि टीजीटी पास टीचर कक्षा 6 से 10 वीं तक पढ़ा सकते हैं, जबकि पीजीटी के टीचर 10वीं से 12वीं क्लास तक पढ़ा सकते हैं।
# जब आप यूजीसी नेट परीक्षा पास करेंगे तो सीधे बनेंगे लेक्चरर
अगर आप किसी कॉलेज में लेक्चरर बनना चाहते हैं तो आपको यूजीसी नेट परीक्षा पास करनी जरुरी है। यह परीक्षा पास करने के बाद ही आपको किसी भी प्लस टू या डिग्री कॉलेज में लेक्चरर का पद मिल सकता है। यह परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जाती है- पहली बार जून में और दूसरी बार दिसंबर में। बता दें कि शुरुआत में एक अध्यापक की एक महीने की सैलेरी 15–20 हजार तक हो सकती है, लेकिन बाद में उनके अनुभव के हिसाब से यह 35–70 हजार तक या उससे ज्यादा भी हो सकती है। इसलिए यदि आप इन कोर्सों को कर लेंगे तो आसानी से टीचिंग जॉब्स पाकर शिक्षक बन सकते हैं।
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