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जी-7 क्या है? इसके वैश्विक मायने क्या हैं? दुनिया के विभिन्न महत्वपूर्ण देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? (What is the G-7? What are its global implications? What impact will it have on various important countries around the world?)

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जी-7 क्या है? इसके वैश्विक मायने क्या हैं? दुनिया के विभिन्न महत्वपूर्ण देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?  client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक client=ca-pub-6262725213669814 दुनिया के अस्ताचलगामी शक्तिशाली देशों के रणनीतिक संगठन जी-7 की शिखर बैठक फ्रांस के एवि‍यां (Évian-les-Bains) शहर में 15–17 जून 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी बैठ में सवा साल मोदी-ट्रंफ की भी मुलाकात हुई, जिसका अपना बहुपक्षीय महत्व है। देखा जाए तो जी-7 अब केवल अमीर देशों का क्लब नहीं है; बल्कि यह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, तकनीकी शासन, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। हालांकि इसकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि यह विकसित देशों के हितों से आगे बढ़कर व्यापक वैश्विक सहमति बना पाता है या नहीं। client=ca-pub-6262725213669814 जी-7 क्या है? इसके वैश्विक मायने क्या हैं? और दुनिया के विभिन्न महत्वपूर्ण देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? इसकी चुनौतियां क्या हैं और किस बात के लिए आल...

प्रतिष्ठित देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान 2026 से नवाजे गए प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे (Prabhasakshi Editor Neeraj Kumar Dubey was honored with the prestigious Devrishi Narad Journalist Award 2026.)

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प्रतिष्ठित देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान 2026 से नवाजे गए प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे # कांस्टीट्यूशन क्लब में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित समारोह में एनडीटीवी के सीईओ एवं एडिटर इन चीफ राहुल कंवल ने नीरज कुमार दुबे को पुरस्कृत किया।  # उत्कृष्ट डिजिटल पत्रकार श्रेणी में मिले इस पुरस्कार के समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर भी उपस्थित थे। @ कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र द्वारा वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे को उत्कृष्ट डिजिटल पत्रकार श्रेणी में प्रतिष्ठित देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान 2026 प्रदान किया गया। स्थानीय कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित समारोह में एनडीटीवी के सीईओ एवं एडिटर इन चीफ राहुल कंवल ने नीरज कुमार दुबे को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर भी उपस्थित थे। इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र की ज्यूरी ने नीरज कुमार दुबे के आलेखों और वीडि...

भारत और फ्रांस के बीच हुए नए समझौते के द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ (Bilateral and international implications of the new agreement between India and France.)

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भारत और फ्रांस के बीच हुए नए समझौते के द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ          client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक फ्रांस की यात्रा पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति मैक्रो के साथ मिलकर दूरदर्शितापूर्ण कूटनीतिक चालें चली और एक तीर से कई अंतरराष्ट्रीय निशाने साध लिए। लिहाजा भारत और फ्रांस के बीच जून 2026 में हुए नवीन समझौतों और "स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" को मजबूत करने वाले निर्णयों के दूरगामी द्विपक्षीय तथा अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ को समझते हुए दुनिया के कई देश भीतर ही भीतर बेचैन हो रहे हैं। क्योंकि भारत-फ्रांस यानी दोनों देशों ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, व्यापार, डिजिटल भुगतान और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।           client=ca-pub-6262725213669814 # सर्वप्रथम भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय निहितार्थ को समझिए पहला, रक्षा सहयोग में नई ऊँचाई: भारत और फ्रांस ने ...

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में अनियमितताओं व चोरी के आरोपों से सुलगने लगे कतिपय गम्भीर सवाल! (Allegations of irregularities and theft in offerings for the Ayodhya Ram Temple have raised serious questions!)

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अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में अनियमितताओं व चोरी  के आरोपों से सुलगने लगे कतिपय गम्भीर सवाल            client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक         client=ca-pub-6262725213669814 अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों ने निश्चित रूप से मंदिर प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। पहला, धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता बनाम प्रशासनिक निगरानी? दूसरा, क्या बड़े मंदिरों के वित्तीय संचालन पर केवल ट्रस्ट का नियंत्रण पर्याप्त है, या स्वतंत्र ऑडिट और निगरानी व्यवस्था आवश्यक है? तीसरा, चढ़ावे के प्रबंधन की पारदर्शिता कितनी है यानी करोड़ों रुपये के दान वाले मंदिरों में डिजिटल ट्रैकिंग, नियमित ऑडिट और सार्वजनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था कितनी मजबूत है? जानकारों के मुताबिक, अयोध्या के Ram Mandir में चढ़ावे/दान राशि में हुई कथित गड़बड़ी के मामले में पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं जो इस प्रकार ह...

अमेरिका व ईरान के बीच बने समझौते मसौदे के वैश्विक मायने (Globalimplications of the draft agreement between the US and Iran)

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अमेरिका व ईरान के बीच बने समझौते मसौदे के वैश्विक मायने             client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक             client=ca-pub-6262725213669814 अमेरिका और ईरान के बीच हाल में उभरे समझौता-ढांचे (Framework Agreement) को यदि अंतिम रूप मिल जाता है, तो इसके प्रभाव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया, वैश्विक ऊर्जा बाजार और विश्व राजनीति पर पड़ेंगे। समझौते में युद्धविराम, परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, तेल प्रतिबंधों में राहत, ईरान की जमी हुई संपत्तियों की रिहाई तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो इसे 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में गिना जा सकता है। आइए इसके वैश्विक मायने को क्रमशः समझते हैं:- पहला, वैश्विक ऊर्जा बाजार को मिलेगी बड़ी राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और LNG व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर रणनीति पू...

How will India become a world power while battling the tactics of the US and China? (आखिर अमेरिका व चीन की चालों से जूझते हुए विश्व शक्ति कैसे बनेगा भारत? समझिए)

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आखिर अमेरिका व चीन की चालों से जूझते हुए विश्व शक्ति कैसे बनेगा भारत? समझिए (How will India become a world power while battling the tactics of the US and China?)                  (client=ca-pub-6262725213669814) @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत को अमेरिका और चीन के मुकाबले यदि विश्व महाशक्ति बनना है तो उसे सार्क देशों, आशियान देशों और अरब-खाड़ी देशों यानी भारतीय उपमहाद्वीपीय देशों, दक्षिण-पूर्वी एशिया के आशियान देशों, अरब-खाड़ी के इस्लामिक देशों से मजबूत रणनीतिक, आर्थिक और सामरिक/सैन्य गठबंधन की संभावनाओं को तलाशने पड़ेंगे। वहीं मध्य एशियाई देशों और पूर्वी एशियाई देशों से भी मजबूत प्रतिरक्षात्मक व रणनीतिक सम्बन्ध विकसित करने होंगे। (client=ca-pub-6262725213669814) ऐसा इसलिए कि हर पीड़ित देश अमेरिका/चीन की क्षुद्र वैश्विक चालों से परेशान है और सोवियत संघ के विघटन के विघटन के बाद उन्हें रूस पर्याप्त संरक्षण नहीं दे पा रहा है। ऐसे में भारत यदि चीन को छोड़कर शेष ब्रिक्स देशों, अफ्रीकी देशों, दक्षिण अमेरिकी देशों, ऑस्ट...

न सोना है, न सोने देना है; न खाना है, न खाने देना है!

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न सोना है, न सोने देना है;  न खाना है, न खाने देना है! @ कमलेश पांडेय/कवि  न सोना है, न सोने देना है, विकास का दीप हर घर में लेना है। राह कठिन हो, पथ चाहे वीरान हो, मंज़िल तक हर हाल में पहुँचना है। न खाना है, न खाने देना है, जनता का हक़ किसी को न लेने देना है। पसीने की हर बूंद का सम्मान हो, ईमान का परचम ऊँचा रखना है। दिन हो या रात, कदम न रुकें, सपनों के रथ के पहिए न थकें। गाँव-गाँव में खुशहाली की बहार हो, बिहार का गौरव जग में अपार हो। न डर से झुकना, न लोभ से बिकना, जनसेवा के पथ से कभी न हटना। हर हाथ को अवसर, हर मन को मान, यही हो शासन का सच्चा अभियान। मेहनत का मंत्र, कर्म की शान, यही बने प्रगति का नया विधान। जन-जन के विश्वास को सींचना है, न्याय और विकास से बिहार को खींचना है। न सोना है, न सोने देना है, न खाना है, न खाने देना है। यही संकल्प यदि सच में निभ जाएगा, तो बिहार नया इतिहास रच जाएगा। <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814"      crossorigin="anonymous"></script...