मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की त्रिकोणीय भूमिका होगी असरदार
मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की त्रिकोणीय भूमिका होगी असरदार @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने गत दिनों राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के 51वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए राज्यपालों से राज्यों के "मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक" की जिस भूमिका को निभाने का आह्वान किया है, वह अत्यंत ही समसामयिक और प्रासंगिक विचार है। खास बात यह है कि जब राष्ट्रपति श्री कोविद अपना विचार आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में व्यक्त कर रहे थे तो उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वहीं मौजूद थे। यही वजह है कि राष्ट्रपति के अभूतपूर्व विचारों को उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी दोहराया, जिन्होंने अपने भाषणों में देश के संवैधानिक मूल्यों और अखंडता की रक्षा में राज्यपालों की संस्था द्वारा निभायी गयी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्यों के बारे में लोगों में जागरुकता बढ़ाने और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने में राज्यपालों की बहुत महत्वपूर्ण ...