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मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की त्रिकोणीय भूमिका होगी असरदार

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मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की त्रिकोणीय भूमिका होगी असरदार @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने गत दिनों राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के 51वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए राज्यपालों से राज्यों के "मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक" की जिस भूमिका को निभाने का आह्वान किया है, वह अत्यंत ही समसामयिक और प्रासंगिक विचार है। खास बात यह है कि जब राष्ट्रपति श्री कोविद अपना विचार आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में व्यक्त कर रहे थे तो उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वहीं मौजूद थे। यही वजह है कि राष्ट्रपति के अभूतपूर्व विचारों को उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी दोहराया, जिन्होंने अपने भाषणों में देश के संवैधानिक मूल्यों और अखंडता की रक्षा में राज्यपालों की संस्था द्वारा निभायी गयी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्यों के बारे में लोगों में जागरुकता बढ़ाने और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने में राज्यपालों की बहुत महत्वपूर्ण ...

एयर पॉल्युशन से हो सकता है सीओपीडी, वर्ल्ड सीओपीडी डे 17 नवम्बर को

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एयर पॉल्युशन से हो सकता है सीओपीडी, वर्ल्ड सीओपीडी डे 17 नवंबर को # इनहेलर के प्रयोग से नहीं पड़ती इसकी आदत : डॉ अर्जुन खन्ना # सीओपीडी के मरीजों को अभी एक साथ इकट्ठा करना टाइम बम लगाने के समान है: के के पांडेय # एन-95 मास्क पहन करके ही घर से बाहर निकलें और अपने स्वास्थ्य का रखें पूरा ध्यान: डॉ अंकित सिन्हा कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। वैसे तो हर साल 17 नवंबर को वर्ल्ड सीओपीडी डे मनाया जाता है, किंतु इस वर्ष यह बहुत ही अलग है; क्योंकि इसे डिजिटली मनाने पर ही ज्यादा जोर दिया जा रहा है। कारण है दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण! जिसके चलते मरीजों को इकट्ठा करना उनके जीवन से खेलने जैसा है। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के वरिष्ठ श्वास रोग एवं क्रिटिकल रोग विशेषज्ञ डॉ के के पांडे, अर्जुन खन्ना और डॉक्टर अंकित सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली एनसीआर में पॉल्युशन बहुत ही ज्यादा बढ़ा हुआ है और खतरनाक लेवल को पार कर चुका है। ऐसे में वर्ल्ड सीओपीडी मनाने के लिए मरीजों के लिए कार्यक्रम करने के अनुरोध आ रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इसके लि...

हॉलीवुड ड्रीम्स वैशाली ने यूपीएचसी वैशाली को दिया कोरोना वारियर्स अवार्ड

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हॉलीवुड ड्रीम्स वैशाली ने यूपीएचसी वैशाली को दिया कोरोना वारियर्स अवार्ड  # हॉलीवुड ड्रीम्स वैशाली के प्रबंधक दीपक गुप्ता ने क्षेत्रीय निगम पार्षद मनोज गोयल के साथ यूपीएचसी की प्रबंधक डॉ रितु वर्मा और उनकी टीम को किया सम्मानित कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। हॉलीवुड ड्रीम्स वैशाली के प्रबंधक दीपक गुप्ता द्वारा यूपीएचसी वैशाली सेक्टर 1 की प्रबंधक डॉ रितु वर्मा और उनकी टीम को कोरोना वारियर्स अवार्ड देकर सम्मानित  किया गया। इस अवसर पर पार्षद मनोज गोयल द्वारा यूपीएचसी में कार्यरत सभी लोगों को उनके बेहतर काम के लिए अवार्ड दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 या 2021 के कोरोना काल में इन लोगों ने दिन रात मेहनत की। चाहे वैक्सीन हो या घर घर जाकर टेस्टिंग हो, इन्होंने बहुत अच्छे तरीके से काम किया, जिसकी वजह से यह सेंटर फर्स्ट डोज में गाजियाबाद में प्रथम आया। यह सेंटर क्षेत्रीय पार्षद मनोज गोयल द्वारा गोद लिया गया हुआ है। हॉलीवुड ड्रीम के प्रबंध  दीपक गुप्ता द्वारा भी इस सेंटर में बड़ी मदद की गई।  इस अवसर पर अमित जैन, कौशांबी सेंट्रल पार्क मंदिर ...

नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित हुए डॉ अर्जुन खन्ना

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नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित हुए डॉ अर्जुन खन्ना  # नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन द्वारा भारत में विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में पल्मोनोलॉजिस्ट को किया जाता है प्रशिक्षित  कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। डॉ अर्जुन खन्ना, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर, यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजियाबाद को नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित किया गया है। डॉ खन्ना देश के अन्य प्रसिद्ध पल्मोनोलॉजिस्टों में से एक हैं, जैसे प्रो० डॉ रणदीप गुलेरिया, निदेशक, एम्स।  बता दें कि नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन की स्थापना 1959 में भारत में चेस्ट फिजिशियन के पहले संघ के रूप में हुई थी। इन वर्षों में, पल्मोनरी मेडिसिन ने न केवल जबरदस्त प्रगति की है, बल्कि भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सुपर स्पेशियलिटी का रूप में भी स्थापित हुई है। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन द्वारा भारत में विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में पल्मोनोलॉजिस्ट को प्रशिक्षित किया जाता है। डॉ. अर्जुन खन्ना ...

जब महिलाओं को संपत्ति में समान अधिकार चाहिए, तो उनके पुत्रों को क्यों नहीं? जरा सोचिए

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जब महिलाओं को संपत्ति में समान अधिकार चाहिए, तो उनके पुत्रों को क्यों नहीं? जरा सोचिए  @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक, हिन्द आत्मा दैनिक किसी भी प्रकार की पैतृक संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करने की बात तो सभी करते हैं, लेकिन जब महिलाओं को प्राप्त ऐसी ही संपत्ति में उनके उत्तराधिकारियों के बीच उनके जीते-जी बंटवारे की बात होती है तो कानून इसकी इजाजत नहीं देता। आखिर ऐसा क्यों?  स्वाभाविक सवाल है कि जब पिता की संपत्ति को बंटवारा में महिला समान रूप से प्राप्त करने का अधिकार रखती है, तो फिर महिला की संपत्ति को बंटवारा में पुरूष समान रूप से प्राप्त करने का अधिकार क्यों नहीं रखता है। यहां पुरुष का तातपर्य उनकी सन्तानों से है।  यहां पर एक सवाल यह उठता है कि जब भी हमारी कानून निर्मात्री संस्था कोई कानून बनाती है तो उसमें कुछ खामियां या विसंगतियां कैसे छूट जाती हैं, यह बात आम भारतीयों की समझ से परे है। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय भी जब ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर जब कोई व्यवस्था देता है तो वह भी इसके समस्त पहलुओं पर विचार करना जरूरी नहीं समझता, जिससे भारतीय समाज में...

बढ़ते प्रदूषण को थामने के लिए समय रहते कदम उठाइए, अन्यथा बढ़ेंगी मुश्किलें

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बढ़ते प्रदूषण को थामने के लिए समय रहते कदम उठाइए, अन्यथा बढ़ेंगी मुश्किलें @ राजकाज/विजय कुमार, संपादक, ओपन सर्च हिंदी दैनिक देश में बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का चिंतित होना स्वाभाविक है। खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की खराब होती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने जो महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक की है, उससे आमलोगों में इस बात का संदेश गया है कि सरकार उनकी सामूहिक चिंताओं से वाकिफ है और समय रहते ही पर्याप्त कदम उठा रही है। दरअसल, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की खराब होती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर गत दिनों जो एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी, उसमें जीआरएपी के लिए उप-समिति की 8वीं बैठक के बाद गत 13 नवंबर, 2021 को जारी आदेश से अलग, दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न वायु प्रदूषण निवारक उपायों और इसे कम करने के कदमों पर बात हुई, जिसे विभिन्न एजेंसियों द्वारा उठाए जाने की आवश्यकता है। जीआरएपी आदेश में राज्यों और संबंधित एजेंसियों को क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जी...

आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है? इसके क्या क्या फायदे हैं? स्पष्ट कीजिए

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आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है? इसके क्या क्या  फायदे हैं? स्पष्ट कीजिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोत्साहन पर भारतीय रिज़र्व बैंक ने जो कुछ नवीन ग्राहक केंद्रित पहल की है, उनमें  आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम भी एक है। इसके क्या क्या फायदे होंगे, यह जानना सबके लिए जरूरी है। ताकि समय रहते ही लोग इसका लाभ उठा सकें। इस बात में भी कोई दो राय नहीं कि कोरोना के इस चुनौतीपूर्ण कालखंड में देश के वित्त मंत्रालय ने, आरबीआई ने और अन्य वित्तीय संस्थाओं ने भी बहुत प्रशंसनीय काम किया है। इसलिए पीएम मोदी ने उन्हें सराहा है। वास्तव में, अमृत महोत्सव का ये कालखंड, 21वीं सदी का ये महत्वपूर्ण दशक, देश के विकास के लिए बहुत महत्व रखता है। ऐसे में आरबीआई की भी भूमिका बहुत बड़ी है, महत्वपूर्ण है और इसकी टीम  देश की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी। बेशक, आरबीआई के इस अभिनव ग्राहक केंद्रित पहल से देश में निवेश के दायरे का विकास होगा और पूंजी बाजार तक सबकी पहुंच आसान हो जायेगी। यह निवेशकों के लिये अधिक आसान, अधिक सुरक्षित बनेगा।  देखा जाए ...