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ग्लोबल डिजिटल टैक्स क्या है? भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? 'गाफा’ नियम के बारे में बताइये।

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ग्लोबल डिजिटल टैक्स क्या है? यह कबसे लागू होगा? भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? 'गाफा’ नियम के बारे में बताइये। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार अब बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां केवल उन देशों को टैक्स नहीं देगी जहां वे स्थित हैं, बल्कि उन देशों को भी टैक्स चुकाएंगी जहां वह काम करती हैं। विश्व विरादरी इस नई कराधान प्रक्रिया पर लगभग सहमत है और इसे अंतिम रूप दिए जाने के लिए बैठक दर बैठक चल रही है। इस प्रकार के कराधान की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत तक हो सकती है। यही ग्लोबल डिजिटल टैक्स है।  ग्लोबल डिजिटल टैक्स को ही ग्लोबल कॉरपोरेट टैक्स और ग्लोबल मिनीमम टैक्स भी कहा जा रहा है। इसे वर्ष 2023 तक पूर्ण रूप से लागू किये जाने पर लगभग सहमति बन गई है। अब सिर्फ इसे विभिन्न देशों के समूह द्वारा अमलीजामा पहनाया जा रहा है। बता दें कि इस नए टैक्स पर जी-7 देश इस वर्ष जून माह में ही सहमत हो गए, जबकि जुलाई में जी-20 देशों ने भी इस पर सैद्धांतिक सहमति जता दी। वहीं, हाल ही में 130 देशों के संगठन  'आर्थिक सहयोग और विकास संगठन, पेरिस, फ्रांस' ने भी अपना समर्थन दे दिया है। बता दें कि ...

पीड़ित परिवार से सहृदयता जतलाकर डीएम डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने बिगड़ी स्थिति को संभाला

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पीड़ित परिवार से सहृदयता जतलाकर डीएम डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने बिगड़ी स्थिति को संभाला # बिना एक पल गंवाए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को जगह जगह करवाया तैनात, खुद भी डटे रहे मौके पर बहराइच से लौटकर कमलेश पांडेय नई दिल्ली। हाल ही में घटित लखीमपुर खीरी किसान वनाम भाजपा कार्यकर्ता हत्याकांड की वजह से यूपी प्रशासन की जहां देश-विदेश में किरकिरी हुई, वहीं इसी हत्याकांड में अपने बहराइच जनपद के दो निवासियों के मारे जाने से उतपन्न हालात को काबू में करने के लिए जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने जो ततपरता दिखाई और स्थिति को काबू में किया, उसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। खासकर डीएम डॉ सिंह द्वारा पंजाबी भाषा गुरुमुखी में शोक संतप्त परिजनों को लिखे गए पत्र की, जिसने उनके मनोभावों को बेकाबू होने से रोक दिया। बताते चलें कि विगत 3 अक्टूबर को जनपद लखीमपुर खीरी में घटित हुई घटना में बहराइच जनपद के 2 व्यक्तियों की मृत्यु के कारण जनपद में उत्पन्न हुई परिस्थितियों के दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा पूरी तत्परता और संजी...

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने कार्यपालक सहायक की नौकरी 60 वर्ष की उम्र तक की पक्की: सम्राट चौधरी

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फ्लैग:- बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने  हेडिंग:- कार्यपालक सहायक की नौकरी 60 वर्ष की उम्र तक की पक्की: सम्राट चौधरी क्रशर:- आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, कृतित्व अवकाश एवं अवैतनिक अवकाश का भी किया गया है प्रावधान कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि उनके विभाग के कार्यपालक सहायकों की नौकरी अब 60 साल की आयु तक पक्की कर दी गई है। अब उन्हें अपने अनुबन्ध विस्तार की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सम्बन्ध में मंत्री श्री चौधरी ने दूरभाष पर बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के विकासशील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में बसे 80 प्रतिशत आबादी के लिए चिंता करते रहते हैं। इसलिए उक्त आशय का निर्णय लिया गया है। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बिहार के सभी पंचायतों में लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीपीएस काउंटर की सुविधा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें कार्यरत कार्यपालक सहायक को प्रत्येक पंचायत में कार्य करना पर रहा है। परंतु उन लोगों को बार-बार संविदा विस्तार ...

पंचायत सरकार भवन में खुलेंगे बैंक: सम्राट चौधरी

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पंचायत सरकार भवन में खुलेंगे बैंक: सम्राट चौधरी     # पंचायत सरकार भवन में बैंक शाखा या बैंकिंग आउटलेट के लिए ग्राम कचहरी के कोर्ट रूम में स्थान किया गया है निर्धारित # पंचायत सरकार भवन के प्रथम तल पर अवस्थित वूमेन सेंटर में ग्राम कचहरी कोर्ट रूम को किया गया है स्थानांतरित # पंचायत सरकार भवन के प्रथम तल पर अवस्थित स्टोर रूम में वूमेन सेंटर को किया गया है स्थानांतरित कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। बिहार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने विभाग का कायाकल्प कर दिया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने ऐसे ऐसे महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिससे न केवल पंचायत राज विभाग व उनके अधीनस्थ कार्यालयों का आधुनिकीकरण हुआ, बल्कि जनसहुलियत भी उपलब्ध करवाई गई। इसी कड़ी में पंचायत सरकार भवन में बैंक खोलने की जो उन्होंने घोषणा की है, वह विभिन्न नजरिये से काफी महत्वपूर्ण है। इससे लेन-देन में भी आमलोगों को सुविधा होगा। पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार के 8067 पंचायत में से 3200 से अधिक पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें...

जल शक्ति मिशन क्या है? यह कबतक और कितनी कारगर साबित होगी?

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# जल शक्ति मिशन क्या है? यह कबतक और कितनी कारगर साबित होगी?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने जल शक्ति मिशन की योजना बनाते हुए यह तय किया कि 2024 तक समस्त घरों को जल सप्लाई करना हैं। सरकार ने इस अभियान पर बल देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हर घर जल कार्यक्रम पर फोकस करना जरुरी हैं। इसके लिए सरकार ने पूरे भारत में जल की समस्या से जूझते 256 जिलों में से 1,592 ब्लॉक्स को पहचानने की प्रक्रिया शुरू किया और फिर उन्हें पेयजल उपलब्ध करवाया। आज भी यह कार्य जारी है। वास्तव में जल शक्ति मिशन, जिसे जल जीवन मिशन भी कहा जाता है, इसका विजन सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है, बल्कि ये विकेंद्रीकरण का भी एक बहुत बड़ा मूवमेंट है। ये विलेज ड्रिवेन, वीमेन ड्रिवेन मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार, जन आंदोलन और जन भागीदारी है। इसलिए जल जीवन मिशन को अधिक सशक्त, अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाल ही में कई और कदम भी उठाए गए हैं।  वास्तविकता यह है कि राज्य सरकारें प्राकृतिक जलाशयों जैसे झील, तालाब, कुंए और नदियों का संरक्षण नहीं कर पा रही हैं, जबकि पर्य...

समाजवादी सियासत के ध्रुवतारा हैं नीतीश कुमार, देश-प्रदेश को है उन पर नाज: संजय कुमार

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समाजवादी सियासत के ध्रुवतारा हैं नीतीश कुमार, देश-प्रदेश को है उन पर नाज: संजय कुमार #  हमने "शराब छोड़ो, दूध पीयो" मुहिम को चलाया है, इसे मुकाम तक पहुंचा कर ही दम लूंगा: राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा जदयू @ कमलेश पांडेय/ब्यूरोचीफ, दैनिक भास्कर नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर "शराब छोड़ो, दूध पीयो” जनांदोलन के प्रणेता और युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार समाजवादी सियासत के भविष्य के रूप में  एक नहीं बल्कि कई छाप छोड़ चुके हैं। समसामयिक समाजवादी सियासी गलियारे में उन्हें सोशलिस्ट यूथ आइकॉन के रूप में देखा, जाना और पहचाना जा रहा है। भारत के विभिन्न हिस्सों में अपने उल्लेखनीय जनांदोलनों के द्वारा उन्होंने युवाओं को जिस तरह से जगाया है, उससे समाजवादी सोच को एक नई बुलंदी मिली है। यही वजह है कि दैनिक भास्कर के ब्यूरोचीफ कमलेश पांडेय ने उनके आवासीय कार्यालय सीआर पार्क में खास बातचीत की है, ताकि भारतीय राजनैतिक क्षितिज पर समाजवादी युवाओं की भावी योजनाओं का अंदाजा लगाया जा सके। # सवाल:- कभी कांग्रेस का विकल्प समझी जाने वाली समाजवादी सियासत आज कहां खड़ी है? जवाब:- सुप्रसिद्...

सादा जीवन उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे पत्रकार ए एन शर्मा

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सादा जीवन उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे पत्रकार ए एन शर्मा  कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नई दिल्ली। पत्रकारिता और जनसंपर्क के पेशे में स्व. अरविंद नारायण शर्मा उर्फ ए एन शर्मा की एक  अपनी पहचान रही, जिसे चाहकर भी दिल्ली वाले भूल नहीं सकते। पूर्व उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी के मीडिया सलाहकार और इससे पहले दिल्ली पुलिस का प्रवक्ता रहने की वजह से राजधानी वासियों के लिए वह परिचित व्यक्तित्व बने रहे। पीआईबी से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के रूप में भी उन्होंने लोगों के मनमस्तिष्क पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। सादा जीवन, उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे वो। लोकसभा के पूर्व महासचिव व दिग्गज आईएएस अधिकारी योगेंद्र नारायण से उनकी अच्छी बनती थी, इसलिए इंटेक में भी वो मीडिया सलाहकार रहे थे। उन्हें दिल्ली का चलता फिरता इंसाइक्लोपीडिया भी कहा जाता था। किसी भी अजनबी को अपना बना लेने की जो उनकी दक्षता थी और अपरिचित व्यक्ति पर भी जितना अटूट विश्वास कर लेते थे, यही उनकी लोकप्रियता का कारक साबित हुआ। यदि आप किसी जेन्विन काम के लिए राह चलते भी उनसे आप पूछ बैठते तो...