तालिबान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के वैश्विक मायने
तालिबान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के वैश्विक मायने @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक तालिबान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के संकेत के वैश्विक मायने को समझने के लिए सबसे पहले आतंकवाद की पृष्ठभूमि और इसके बुनियादी करवट को समझना जरूरी है। मसलन, जब पूंजीवादी देश संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) की बढ़ती वैश्विक महत्वाकांक्षाओं ने रणनीति पूर्वक वामपंथी राष्ट्र समूह सोवियत संघ (यूएसएसआर) को छिन्न-भिन्न कर दिया, तब 15 देशों के इस राष्ट्र समूह से 14 देश यकायक अलग हो गए और रूस अकेला बच गया। अपने इस नापाक इरादे की पूर्ति के लिए ही अमेरिका ने चीन को प्रगति की राह पर अग्रसर किया। दरअसल, 1980-90 के दशक की इस अंतर्राष्ट्रीय वैचारिक त्रासदी यानी वामपंथ के पतन ने पूरी दुनिया के बुद्धिजीवियों को झंकझोर डाला था। तभी अकस्मात लाई गई दुनियावी नई आर्थिक नीतियों यानी वैश्वीकरण/भूमंडलीकरण व निजीकरण ने विकास की चकाचौंध दिखलाकर अमेरिका (यूएसए) को सर्वस्वीकार्य बना दिया फिर उसने अपनी हथियार इंडस्ट्री को चमकाने ...