पहलगाम आतंकी हमला के हमास-आईएसआई कनेक्शन को समझिए और 'दक्षिणी रणनीति' को भेदिये!
पहलगाम आतंकी हमला के हमास-आईएसआई कनेक्शन को समझिए और 'दक्षिणी रणनीति' को भेदिये! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक कहीं अमेरिका, कहीं चीन, कहीं रूस, कहीं ब्रिटेन आदि की शह पर फलफूल रहा इस्लामिक आतंकवाद अब एक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एजेंडा बन चुका है, जो हथियार-गोलाबारूद और सुरक्षा उपकरण निर्माता पूंजीवादी ताकतों को बेहद रास आ रहा है| ऐसा इसलिए कि हर विध्वंस के बाद होने वाले निर्माण से भी किसी न किसी रूप में पूंजीवादियों के ही कारोबार बढ़ते हैं| अलबत्ता शांतिप्रिय और प्रगतिशील देशों को इन वैश्विक षड्यंत्रों से निपटने के बारे में मौलिक रूप से सोचना होगा और जवाबी एहतियाती कार्रवाई करनी होगी, ताकि इनके नापाक मंसूबे कभी भी सफल नहीं हो सकें और ये आपस में ही लड़-भीड़ कर खत्म हो जाएं| देखा जाए तो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले ईसाई समुदाय ने दूसरी बड़ी आबादी मुस्लिम समुदाय को निबटाने के लिए आतंकवाद प्रोत्साहन जैसी अनोखी पहल की है, जिसके तहत अरब देश आपस में ही संघर्षरत हैं| इसके अलावा पड़ोसी मुस्लिम देश और अच्छी-खासी मुस्लिम आबादी वाले गैर मुस्लिम देश भी इनकी जद म...