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मार्च के बाद शहर में कोई कूड़ाघर दिखाई न दे: नगरायुक्त

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मार्च के बाद शहर में कोई कूड़ाघर दिखाई न दे: नगरायुक्त  # स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सहारनपुर को नंबर वन लाने की कवायद तेज  सहारनपुर। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी सफाई निरीक्षकों और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे एनजीओ को निर्देश दिए कि वे सहारनपुर को कूड़ा मुक्त करने के लिए युद्ध की तरह काम करें, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सहारनपुर को नंबर वन लाया जा सके। उन्होंने पांवधोई किनारे के कूड़ाघरों सहित शहर के सभी कूड़ाघरों को समाप्त करने के निर्देश दिए। नगरायुक्त ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि मार्च तक शहर से सभी कूड़ा घरों को समाप्त करना है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने वृहस्पतिवार को लखनऊ से आये स्वच्छ भारत मिशन के सहारनपुर मंडल प्रभारी वैभव पांडेय व निगम के अधिकारियों, सफाई निरीक्षकों व आईटीसी मिशन सुनहरा कल के प्रोग्राम मैनेजर तथा एनजीओ वालंटियर्स के साथ सहारनपुर को नंबर वन लाने पर गंभीर विचार मंथन किया। नगरायुक्त ने आईटीसी सुनहरा कल तथा एनजीओ को अपने वालंटियर्स की संख्या बढ़ाने और शत प्रतिशत घरों से कूड़ा कलेक्शन पर जोर दिया। उन्होंने सफाई निरीक्षकों को पांवधो...

यदि अगले माह में एलआईसी आईपीओ लेना चाहते हैं तो इन बातों पर दीजिये ध्यान और अपने कागज पूरे रखिये

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यदि अगले माह में एलआईसी आईपीओ लेना चाहते हैं तो इन बातों पर दीजिये ध्यान और अपने कागज पूरे रखिये @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार एक तरफ विश्व युद्ध की आशंकाओं के बीच दुनिया समेत भारत के शेयर बाजार धड़ाम हो चुके हैं तो दूसरी तरफ अगले महीने मार्च में भारत का सबसे बड़ा आईपीओ आने वाला है, जिसमें सबकी अभिरुचि बढ़ती जा रही है। यदि आप भी अगले माह में एलआईसी आईपीओ लेना चाहते हैं तो कुछ बातों का ख्याल रखिये और अपने कागज पूरे करिए। अन्यथा इस सरकारी उपक्रम में अपने लिए शेयर खरीदने की संभावनाओं से आप वंचित रह सकते हैं या वंचित किये जा सकते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) आगामी 11 मार्च को अपना आईपीओ पेश कर सकती है। उस दिन यह सिर्फ एंकर निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि अन्य निवेशकों के लिए इसे दो दिन बाद यानी 13 मार्च को खोला जाएगा। बताया जाता है कि मार्च के पहले सप्ताह में इसे नियामकीय मंजूरी मिल सकती है। यदि वह किसी कारण वश नहीं मिल पाती है, तभी आईपीओ प्रस्तुत करने की तिथि में फेरबदल संभव है। एलआईसी आईपीओ में निवेशकों का ध्यान खींचने के लिए विभागीय ...

सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए सदैव ततपर रहते हैं विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक, जानिए क्या क्या है इनकी राय

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सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए सदैव ततपर रहते हैं विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक, जानिए क्या क्या है इनकी राय @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक गण सदैव ततपर रहते हैं। आर्यावर्त के आदि धर्म सनातन धर्म यानी हिन्दू धर्म के क्या क्या हैं मर्म और इनकी पुनर्स्थापना के लिए क्या क्या करने हैं उपाय, इन बातों को जानने व समझने के लिए  वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय ने इनसे अलग अलग बातचीत की, जिससे स्पष्ट पता चला कि ये अपनी पीढ़ियों के सुखद व सुमधुर भविष्य के खातिर अपने वर्तमान को न्यौछावर करने को उद्दत हैं। यह इस मिट्टी का अहोभाग्य है। अब आप भी जानिए कि क्या क्या है इनकी राय, जिनका है हर एक हिंदुस्तानी से व्यापक सरोकार, आसेतु हिमालय से सात समंदर पार तक।  यहां प्रस्तुत है उनकी अलग अलग राय:- 1. विश्व सनातन हिंदू संसद भारत और विदेशों में रणनीतिक विचारकों और समर्पित क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क के माध्यम से, हर जगह सनातनियों के गौरव और सुर...

सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए सदैव ततपर रहते हैं विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक, जानिए क्या क्या है इनकी राय

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सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए सदैव ततपर रहते हैं विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक, जानिए क्या क्या है इनकी राय @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार सनातन धर्म, भारतीयता और हिंदुत्व की हिफाजत के लिए विश्व सनातन हिन्दू संसद के समर्थक गण सदैव ततपर रहते हैं। आर्यावर्त के आदि धर्म सनातन धर्म यानी हिन्दू धर्म के क्या क्या हैं मर्म और इनकी पुनर्स्थापना के लिए क्या क्या करने हैं उपाय, इन बातों को जानने व समझने के लिए  वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय ने इनसे अलग अलग बातचीत की, जिससे स्पष्ट पता चला कि ये अपनी पीढ़ियों के सुखद व सुमधुर भविष्य के खातिर अपने वर्तमान को न्यौछावर करने को उद्दत हैं। यह इस मिट्टी का अहोभाग्य है। अब आप भी जानिए कि क्या क्या है इनकी राय, जिनका है हर एक हिंदुस्तानी से व्यापक सरोकार, आसेतु हिमालय से सात समंदर पार तक।  यहां प्रस्तुत है उनकी अलग अलग राय:- 1.  विश्व सनातन हिंदू संसद भारत और विदेशों में रणनीतिक विचारकों और समर्पित क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के एक नेटवर्क के माध्यम से, हर जगह सनातनियों के गौरव और सुरक्षा क...

विश्व सनातन हिन्दू संसद सनातन धर्म की विशेषताओं से देश-दुनिया को अवगत कराने की मुहिम चलाएगा: रौचिका अग्रवाल

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विश्व सनातन हिन्दू संसद सनातन धर्म की विशेषताओं से देश-दुनिया को अवगत कराने की मुहिम चलाएगा: रौचिका अग्रवाल कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नई दिल्ली। दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी सनातन मतावलम्बियों की है, जो शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और समावेशी विकास में आस्था रखते हैं। हालांकि ईसाईयत और इस्लामी जगत के बीच एक अरसे से जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्विता चल रही है, उससे सनातन धर्म के सम्मुख अस्तित्व रक्षा का एक सवाल उतपन्न हो चुका है। क्योंकि धर्म परिवर्तन द्वारा सनातन मतावलंबियों को कोई ईसाई बनने का प्रलोभन दे रहा है तो कोई मुसलमान बनाने के लिए हर दांवपेंच लगा रहा है। यही वजह है कि विश्व सनातन हिन्दू संसद ने सनातन धर्म की विशेषताओं से देश-दुनिया को अवगत कराने का निश्चय किया है, ताकि सनातन धर्म के प्रति न केवल लोगों की आस्था बनी रहे बल्कि अन्य धर्मावलम्बी भी इस ओर आकर्षित हों।  अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वीएसएचएस समान विचारों वाले संगठनों को एक छतरी के नीचे ला रहा है, ताकि वैश्विक क्षितिज पर साम्प्रदायिक सद्भाव और हिंदुत्व की रक्षा के साथ साथ...

सनातनियों के हकहुकूक की लड़ाई लड़ता रहेगा विश्व सनातन हिन्दू संसद: बॉबी पारीक

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सनातनियों के हकहुकूक की लड़ाई लड़ता रहेगा विश्व सनातन हिन्दू संसद: बॉबी पारीक @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संध और जनसंघ की सामाजिक-राजनीतिक नर्सरी से निकली विभूतियों और उनके उत्तराधिकारियों ने न केवल हिंदुत्व बल्कि भारतीयता को भी अपने खून-पसीने से सींचा है। हरेक भारतीय को इस बात का गर्व होना चाहिए कि उनके द्वारा शुरू किया हुआ यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे लगभग 3 दर्जन सामाजिक-राजनीतिक-आर्थिक-सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकलाप इस बात के साक्षी हैं कि हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को अलग अलग चश्मों से नहीं देखा जा सकता है, बल्कि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।  सच कहा जाए तो वर्तमान में मानवीयता और राष्ट्रीयता के उपर गहराते संकट से उबरने की जितनी बेचैनी आरएसएस या उससे किसी न किसी रूप में सम्बन्धित या फिर उससे निकले लोगों में दिखाई पड़ती है, उतनी शायद अन्यत्र कहीं और नहीं! क्योंकि पिछले 8-9 दशकों से विकसित हो रहे हमारे धर्मनिरपेक्ष मिजाज ने हमारी सनातन सभ्यता और संस्कृति को जितना हतोत्साहित किया...

एनएसई घोटाला: एक अधिकारी किसी अदृश्य योगी की सलाह पर लेती रही फैसला और हो गया बड़ा घोटाला

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एनएसई घोटाला: एक अधिकारी किसी अदृश्य योगी की सलाह पर लेती रही फैसला और हो गया बड़ा घोटाला @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत एक आस्था प्रधान देश है, लेकिन जब जब यहां के महत्वपूर्ण अधिकारी किसी साधु-संत या योगी के चक्कर में पड़कर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए, आमलोगों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का धीरेंद्र ब्रह्मचारी के प्रति आस्थावान होने की बात करें या पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव का चंद्रास्वामी के प्रति श्रद्धावनत रहने की बात करें, या फिर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चित्रा रणकृष्ण द्वारा एक तथाकथित हिमालयी योगी की सलाह पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बात करें, इनके पारस्परिक सम्बन्धों के चक्कर में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों से अक्सर आम आदमी ही प्रभावित हुआ है।  ऐसा इसलिए कि ऐसे अभिजात्य वर्गीय संत अपने सम्पर्क में रहने वाले दिग्गज लोगों को मोक्ष के दिवास्वप्न के साथ साथ समसामयिक लाभ के नुस्खे सुझाते हैं और उनके मनमाफिक चलने वाले लोगों को पहले मालामाल, फिर कंगाल कर देते हैं। यह...