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हे गणतंत्र! तुझे सलाम! तुझसे से ही है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा..

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हे गणतंत्र! तुझे सलाम! तुझसे से ही है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा.. @ कमलेश पांडेय/स्थानीय संपादक, लोकनायक भारत 26 जनवरी 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस बार गणतंत्र दिवस पर अलग यह होगा कि गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम 23 जनवरी यानी सुभाष चंद्र बोस जयंती से शुरू होगा, जबकि पिछले साल तक यह 24 जनवरी से शुरू होता था। वहीं, इस बार इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति नहीं जली होगी, क्योंकि इसका विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल )में कर दिया गया है। भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करते हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति भव्य परेड की सलामी लेते हैं। राज्यों में वहां के राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। वहीं, स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं और राज्यों में मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है। इसे हर साल 26 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाता है। देश में गणतंत्र दिवस या रिपब्लिक डे के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम होते हैं। इस दिन राष्ट्रीय अवका...

गणतन्त्र दिवस पर आप भी कुछ संकल्प लीजिए, पीएम की तरह दृढ़ता दिखाइए

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गणतन्त्र दिवस पर आप भी कुछ संकल्प लीजिए, पीएम की तरह दृढ़ता दिखाइए @ कमलेश पांडेय, स्थानीय संपादक, लोकनायक भारत  देश अपना 73वां गणतन्त्र दिवस मना रहा है। ऐसे में हम सभी को अपने देश के समग्र उत्थान के लिए, पारस्परिक प्रेम व सद्भाव कायम रखने के लिए कुछ नए संकल्प लेने चाहिए। ये संकल्प ऐसे हों जिन्हें हमारे शासकों-प्रशासकों ने भी देखे हों। शासकों-प्रशासकों का मतलब ग्राम प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक और ग्राम सचिव से लेकर राष्ट्रपति तक से है। ऐसा इसलिए कि जब हम सभी के संकल्प एक समान उद्देश्य से अभिप्रेरित होंगे तो उनके पूरे होने के आसार भी प्रबल होंगे।  मसलन हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए और पूरे विश्व के भविष्य के लिए भी हो सकते हैं। जैसे कि सभी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान, परिवहन, गैजेट्स और कैपिटल यानी पूंजी की सर्वसुलभता सबके लिए एक समान होनी चाहिए। हर हाथ को काम भी उतना ही जरूरी है। महामारी से निपटने के लिए भी सबका सहयोग जरूरी है। पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है कि उसका लाभ पूरे ...

भारत की अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने का संकल्प

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भारत की अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने का संकल्प  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी कुछ कहते हैं तो देश-दुनिया के लोग उसे बड़े ही गौर से सुनते हैं, क्योंकि उनके वक्तव्यों में आम आदमी की चिंता से लेकर खास आदमी की जिजीविषा तक समाहित होती है। गांव की पगडंडियों से लेकर राष्ट्र के राजमार्गों तक के कटु-मधु अनुभवों का सार उसमें मौजूद रहता है। हाल ही में पराक्रम दिवस के मौके पर उन्होंने जो कुछ कहा, उसका सार यही है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनकी यह सोच सराहनीय है और इस हेतु किया जा रहा हर कर्म अनुकरणीय। क्योंकि यह जो विशाल आसेतु हिमालय प्रदेश भारत वर्ष है, वह हम सबका ही विराट स्वरूप है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक ही कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव का संकल्प है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करेगा। क्योंकि ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया। स्वाधीनता संग्राम में ...

पीएम ने जिलाधिकारियों से एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में कलेक्टिव अप्रोच अपनाने पर दिया बल, जनपदों की बदलेगी सूरत

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पीएम ने जिलाधिकारियों से एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में  कलेक्टिव अप्रोच अपनाने पर दिया बल, जनपदों कक बदलेगी सूरत @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जिलाधिकारियों से 142 अल्प विकसित जिलों में एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की तरह कलेक्टिव अप्रोच अपनाने का जो आह्वान किया है, उसका काफी महत्व है। यह उनकी राजनीतिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक कर्मठता का परिचायक है। उन्होंने प्रमुख सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ सीधी बातचीत करके उनका मनोबल बढ़ाने और जमीनी हकीकत जानने की एक सकारात्मक पहल की है। उन्होंने गत दिनों देश के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्यम से प्रमुख सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बातचीत की। इस क्रम में जिलाधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिससे कई संकेतकों पर उनके जिलों के कार्य निष्पादन में सुधार हुआ है।  वहीं, प्रधानमंत्री ने उनसे उन प्रमुख कदमों और उस प्रयास में उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में सीधे तौर पर फीडबैक मांगा, जिनके परिणामस्व...

नया भारत जितना आधुनिक होगा उतना ही अपनी परम्पराओं से भी जुड़ा होगा

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नया भारत जितना आधुनिक होगा उतना ही अपनी परम्पराओं से भी जुड़ा होगा @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र में पिछले साढ़े सात वर्षों से सत्तारूढ़ पीएम नरेंद्र मोदी  सरकार का मानना है कि नया भारत जितना आधुनिक होगा, उतना ही वह अपनी परम्पराओं से भी जुड़ा होगा। इसी उद्देश्य से यह सरकार पर्यटक महत्व वाले जिन स्वदेशी पर्यटन स्थलों को विकसित कर रही है, उसमें गुजरात का प्रख्यात द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर सोमनाथ क्षेत्र भी एक है। सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत देश में 15 थीम बेस्ड टूरिस्ट सर्किट्स भी विकसित किए जा रहे हैं। ये सर्किट न केवल देश के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ते हैं, बल्कि पर्यटन को नई पहचान देकर सुगम भी बनाते हैं।  हमारी सरकार का दृढ़ मत है कि भारत में आप जिस किसी भी राज्य का नाम लेंगे, तीर्थाटन और पर्यटन के क्षेत्र में एक साथ कई केंद्र हमारे मन में उभरकर आ जाएंगे। क्योंकि ये स्थान हमारी राष्ट्रीय एकता का, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की जनभावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन स्थलों की यात्रा, राष्ट्रीय एकता को बढ़ाती है। आज देश इन जगहों को समृद्धि के एक मजब...

अपने मौखिक स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए, अन्यथा कोरोना संक्रमण हो सकता है जानलेवा

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अपने मौखिक स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए, अन्यथा कोरोना संक्रमण हो सकता है जानलेवा @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि आपका मौखिक स्वास्थ्य कोविड की प्रगति को कैसे प्रभावित करता है? क्योंकि खराब मौखिक स्वास्थ्य पर विचार करने के लिए चिकित्सा विज्ञानियों के पास पर्याप्त सबूत हैं, जो यह जाहिर करते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में जटिलताओं के लिए खराब मौखिक स्वास्थ्य भी एक जोखिम कारक है- विशेष रूप से सह-रुग्णता जैसे कि मधुमेह, श्वसन संबंधी विकार या हृदय रोग, आदि की उपस्थिति में। स्पष्ट है कि पिछले दो वर्षों से देश दुनिया को आक्रांत की हुई इस कोविड महामारी में हरेक व्यक्ति के लिए अपने दांतों की देखभाल करना कितना महत्वपूर्ण है, इस बात का पता इस पर किये गए विभिन्न तरह के रिसर्च से चलता है। अधिक शोध होने के साथ ही यह ठीक-ठीक पता चल रहा है कि आपका मौखिक स्वास्थ्य कोविड की प्रगति को कैसे प्रभावित करता आया है। इसलिए, अच्छा मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, जिसका अर्थ है दिन में दो बार कम से कम दो मिनट तक ब्रश करना और नियमित रूप से दंत चिकित्स...

जमीनी स्तर के नवोन्मेषों व रचनात्मकताओं पर आधारित उत्पाद अब ऑनलाइन बिक्री के लिए होंगे उपलब्ध

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जमीनी स्तर के नवोन्मेषों, पारंपरिक ज्ञान और छात्रों की रचनात्मकता पर आधारित उत्पाद भी अब ऑनलाइन बिक्री के लिए होंगे उपलब्ध  @ कमलेश पाण्डेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नये भारत में डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहित करके आम आदमी के हुनर का उपयोग करते हुए उनकी आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में अपेक्षाकृत सुधार लाने का सपना संजोए हुए पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता में आने के तत्काल बाद ही जो कुछ नूतन प्रारूप विकसित किये, उनका युगान्तकारी चेहरा अब धीरे धीरे स्पष्ट होता जा रहा है। देखा जाए तो बीते लगभग साढ़े सात वर्षों से देश में जो तीव्र गति से डिजिटल परिवर्तन हो रहा है, उसे देखते हुए जमीनी स्तर के उद्यमियों के लिए अपने नवाचारों को पूरे भारत में सीधे उपभोक्ताओं तक ले जाने पर विचार करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता है।  वस्तुतः एनआईएफआईईएनटीआरईसी के साथ अमेजन की साझेदारी का उद्देश्य जमीनी स्तर के उद्यमियों और उनके उद्यमों को डिजिटलीकरण और ई-कॉमर्स का लाभ पहुंचाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की रचनात्मकता वाले उत्पादों के विपणन को भारत और पूरे विश्व में लाखों अमे...