बिहार में सम्राट चौधरी की बढ़ती सियासी प्रासंगिकता के गहरे निहितार्थ
बिहार में सम्राट चौधरी की बढ़ती सियासी प्रासंगिकता के गहरे निहितार्थ @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार भाजपा विधायक दल ने अपने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पुनः विधायक दल का नेता चुन लिया है, जबकि दूसरे उपमुख्यमंत्री रहे विजय सिन्हा को भी उपनेता चुना गया है। इससे स्पष्ट है कि बिहार भाजपा में गुजरात के पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्रा, और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के बाद सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के तीसरे बड़े नेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं। लेकिन अपनी सियासी सूझबूझ और कुशल रणनीति से भाजपा की राजनीति में वो लम्बे रेस के घोड़े साबित होंगे, यह बात मैं अपने पेशेवर अनुभव से कह सकता हूँ। दरअसल, सम्राट चौधरी बिना लाग-लपेट के अपनी बातें कहने और खुद से जुड़े लोगों का सदैव ख्याल रखने वाले नेता हैं। ऐसा इसलिए कि तारापुर से विधायक बनने से पहले वह परबत्ता के विधायक और मंत्री रह चुके हैं। वहीं, जब वह एमएलसी बने तो न केवल परबत्ता, बल्कि तारापुर के लोगों से भी जुड़े रहे। यह कोई मामूली बात नहीं है। उन्हें बिहार भाजपा की मूल राजनीतिक समझ है और इसी के अनुरूप उन्होंने ...