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हे माननीय! आखिर अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे आप?

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हे माननीय! आखिर अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे आप?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक समकालीन लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत सिलसिलेवार ढंग से जो 'संवैधानिक ड्रामा' रचाया जा रहा या चल रहा है, इसके लिए सिर्फ और सिर्फ 'हमारी संसद' जिम्मेदार है, क्योंकि जनहित में प्रभावशाली कानून बनाने का जिम्मा उसी के ऊपर है। यदि उसने इस मामले में अबतक किसी तरह की कोई लापरवाही बरती है तो यह जन-बहस का मुद्दा है। इसलिए कुछ सुलगता हुआ सवाल यहां पर प्रासंगिक है!  लेकिन जब हम संसद की बात करते हैं तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों और उनके समूह की होती है। क्योंकि सत्ता की अदलाबदली प्रायः इन्हीं के बीच होती रहती है। संसद के अलावा, हमारी सिविल सोसाइटी, मीडिया मठाधीश, अधिवक्तागण, शिक्षाविद, प्रबुद्ध कारोबारी तबका एवं विभिन्न प्रकार के लोकतांत्रिक दबाव समूह भी इस स्थिति के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं, क्योंकि भले ही इनके पास कोई संवैधानिक शक्ति नहीं है या फिर अलग-अलग प्रकार की कानूनी सहूलियत प्राप्त है, लेकिन जनमत निर्माण में इनकी बहुत बड़ी भ...

संकल्प से सिद्धि, उद्वेग रहित कर्म

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संकल्प से सिद्धि, उद्वेग रहित कर्म @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस, डीएम, जौनपुर (यूपी) कहा गया है कि "अतिरेकं पौरुषं यत्नं वर्जयित्वेतरा गतिः। प्रारब्धं फलते कर्मं कालेन न हि दुर्लभम्।। सर्वदुःखक्षयप्राप्तौ सुखस्य चोदयस्थितौ। मनसः सङ्गतारम्भः प्रथमं प्रविजायते।। शुभकर्मण्यशु पतिता: पापकर्मण्युद्यताः। स्वार्थान्धा दुष्कृतान्वेषी नृणां सा दुर्गतिर्मता।। शुभकर्माण्यशु पतिता: पापात्मानं निराकुलाः। शुभानि केवलं कर्म पुण्यस्य फलभागिनः।। न तदस्ति जगत्कोशे नानारत्नसमन्वितम्।"  "यत् पौरुषेण शुद्धेन सत्येन तपसा विना। न सिद्ध्यति नरव्याघ्र न तदस्ति कुतः चन।। न किञ्चिन्महाबुद्धे दैवं कर्मातिगं किला। संसिद्ध्यसंसिद्ध्योर्वा तूष्णीं किं व्यथसे पुनः।।"  कहने का तातपर्य यह कि इस संसार में सब दुःखों का क्षय करने के लिए पुरुषार्थ (मनुष्यों के यत्न) के अतिरिक्त दूसरा कोई मार्ग नहीं है। संसार रूपी कोश में ऐसा कोई रत्न नहीं है जो शुद्ध पुरुषार्थ से किए हुए शुभ कर्म के द्वारा प्राप्त न हो सके। वस्तुतः तीनों लोकों में ऐसा कोई पदार्थ नहीं जो उद्वेग रहित पुरुषार्थ द्वारा प्राप्त न...

जौनपुर महोत्सव 2025: विकास, लोककल्याण व कलाकारों की मेधाओं का सम्मान

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जौनपुर महोत्सव 2025: स्थानीय कलाकारों के उम्दा प्रदर्शन देख मुख्यमंत्री हुए प्रफुल्लित # 1001 वर-वधू की जोड़ी का सामूहिक विवाह करवाकर पितृतुल्य दायित्व निभाए और मंगल आशीर्वाद प्रदान किए @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस, डीएम, जौनपुर जनपद किसी भी जनपदीय महोत्सव का अपना महत्व होता है, क्योंकि इससे उसके आंतरिक और बाह्य सौंदर्य को प्रदर्शित करने का शानदार मौका मिलता है। इसमें सभी तरह के लोगों को प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलता है। इस नजरिए से जौनपुर जनपद में 10, 11 और 12 मार्च 2025 को आयोजित तीन दिवसीय "जौनपुर महोत्सव" अपनी सम्पूर्णता,  पूर्णत: भव्यता, दिव्यता और अपने उद्देश्य की गरिमामयी मर्यादा के साथ संपन्न हुआ। दरअसल किसी भी महोत्सव की रूपरेखा को उसके विचार रचना, कार्य योजना और प्रबंधकीय व्यवस्था के साथ साथ महोत्सव की सामाजिक, आर्थिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक उपादेयता की कसौटी पर भी परखा जाता है।  इस दृष्टि से ऐतिहासिक महत्ता वाला जौनपुर महोत्सव 2025 की पृष्ठभूमि में अपने जनपद की अतीत कालीन, ऐतिहासिक सभ्यता, भव्यता और समृद्धि की आन, वान, शान को प...

बिजेथुआ महावीरन के दर्शन और पुलिस होली मिलन से हुई भक्ति और प्रेम रस की अनुभूति

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बिजेथुआ महावीरन के दर्शन और पुलिस होली मिलन से हुई भक्ति और प्रेम रस की अनुभूति @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस, डीएम, जौनपुर जनपद शनिवार को बिजेथुआ महावीरन, सुल्तानपुर के दर्शन और जौनपुर पुलिस होली मिलन कार्यक्रम के दौरान भक्ति और प्रेम रस की जो अनुभूति हुई, उसमें ही आम और खास के लिए जीवन दर्शन निहित है। यूँ तो कहा गया है कि- "जिंदगी की राहों में जो गम के साये हैं। हम एक में भी तन्हा थे, सब में भी अकेले हैं।" लेकिन जब भगवान से भक्त का मिलन होता है या फिर वरिष्ठ-कनिष्ठ जब एक साथ जुटकर कोई खास कार्यक्रम करते हैं तो वाकई भक्ति रस और प्रेम रस के साथ साथ संयोग रस की धारा भी जुड़ जाती है। हुआ कुछ यूं कि डॉ कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक जौनपुर के नेतृत्व में पुलिस लाइन जौनपुर में पुलिस विभाग की परंपरागत होली मिलन का आयोजन गत 15 मार्च 2025 को अपराह्न 3 बजे से होना तय था। समारोह समयानुसार चल रहा था। चूंकि शनिवार का दिन था। इसलिए अपने इष्टदेव हनुमानजी की पूजा-अर्चना के बाद अकस्मात मेरे मन में विचार आया कि बिजिथुआ धाम (बिजेथुआ धाम), सुल्तानपुर के महावीरन हनुमानजी का आशीर्वाद प्राप्त क...