आंदोलनकारी केजरीवाल, राजनेता केजरीवाल और कूटनीतिज्ञ केजरीवाल!
@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक यदि आपने जंतर-मंतर के 'आंदोलनकारी अरविंद केजरीवाल' को देखा है, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में 'राजनेता अरविंद केजरीवाल' को परखा है, तो आपको यह अवश्य समझ में आया होगा कि यह जुनूनी व्यक्तित्व किसी 'कुटनीतिज्ञ केजरीवाल' का नहीं हो सकता है, जो कि राजनैतिक सफलता को स्थायित्व देने की पहली शर्त समझी जाती है। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ कि जनसमस्याओं की शिनाख्त करने और उसके समाधान हेतु यानी लोकपाल बिल लाने के लिए उनका मिजाज अख्खड़ था और किसी से भी टकराव मोल लेने में वो कभी पीछे नहीं हटे। कुछ यही वजह है कि उनके डिप्लोमैटिक सहयोगी बदलते समय के साथ केजरीवाल के बढ़ते सियासी कद से जलते-भुनते हुए उनका साथ/हाथ दोनों छोड़ते चले गए। वहीं, कुछ विघ्न-संतोषियों को उन्हें खुद दूर करना पड़ा या अपने भरोसेमंद सहयोगियों के मार्फ़त करवाना पड़ा। किंतु केजरीवाल ने कभी भी गहराई पूर्वक इसकी परवाह नहीं की कि आखिर यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? वह तो सिर्फ अपने मातहत चलने वाले लोगों को जोड़ते चले गए और भारत की रा...