अफगानिस्तान-पाकिस्तान युद्ध से उपजने वाली चुनौतियों से निबटने के लिए फिक्रमंद हुए दुनियावी देश
अफगानिस्तान-पाकिस्तान युद्ध से उपजने वाली चुनौतियों से निबटने के लिए फिक्रमंद हुए दुनियावी देश @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है। इसी वर्ष फरवरी माह से तेज हुई सीमाई झड़पें अब खुले युद्ध में बदल चुकी हैं, जिसमें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों पर हवाई हमले किए हैं। उधर, अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्लामाबाद पर ड्रोन बम बरसा दिए। यही वजह है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान युद्ध से उपजने वाली चुनौतियों से निबटने के लिए दुनिया के देश फिक्रमंद दिखाई पड़ रहे हैं। इसलिए रसूखदार देशों ने दोनों इस्लामिक राष्ट्रों से युद्ध बंद करने की अपील की है, लेकिन उनकी बातें नक्कारखाने में तूती की आवाज की मानिंद गुम हो चुकी हैं। हद तो यह कि अमेरिकी शह प्राप्त पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे "ऑपरेशन गजब लिल हक" बताते हुए तालिबान पर आतंकी समर्थन का आरोप लगाया है। आलम यह है कि दोनों पक्षों में सैकड़ों लोग व सुरक्षा बल के जवान हताहत हुए हैं, लेकिन सरकारो...