यदि विपक्षी दलों का समर्थन सीजेपी के युवा आंदोलन को मिला तो दिवास्वप्न होगा धराशायी
यदि विपक्षी दलों का समर्थन सीजेपी के युवा आंदोलन को मिला तो दिवास्वप्न होगा धराशायी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक सीजेपी का जंतर-मंतर आंदोलन परवान चढ़ चुका है। इससे उत्साहित विपक्षी समाजवादी सियासत के थिंक टैंक, सामाजिक आंदोलनधर्मियों के बौद्धिक ईंधन और मशहूर राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने जिस योजनाबद्ध तरीके से कॉकरोच जनता पार्टी ₹सीजेपी) के युवा आंदोलन को समर्थन दिया है, वह काबिलेतारीफ है। साथ ही एक सियासी शतरंजी चाल चलते हुए श्री यादव ने विपक्षी दलों से भी इस यूथ मूवमेंट को समर्थन देने या इससे जुड़ने का आह्वान किया है, जिसके कई संभावित राजनीतिक अर्थ/निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं। लेकिन हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि एक तो उन्होंने भारतीय विपक्ष की प्रकृति और प्रवृति के विपरीत जाकर जिस राजनीतिक उदारता की अपेक्षा जताई है, वह गूलर का फूल मानिंद है। इसलिए उसके अर्थ परिस्थिति, बयान की भाषा और विपक्ष की वास्तविक प्रतिक्रिया पर निर्भर करेंगे। जबकि जानकार बताते हैं कि सीजेपी का यह स्वतःस्फूर्त डिजिटल आंदोल...