आखिर इजराइल कैसे अपने साथ-साथ शेष दुनिया की भी आतंकी प्रवृति से रक्षा करता है? समझिए
आखिर इजराइल कैसे अपने साथ-साथ शेष दुनिया की भी आतंकी प्रवृति से रक्षा करता है? समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक आतंकवादी शासन, लोकतंत्र से इतर धार्मिक उन्माद से प्रेरित तानाशाही शासन का पर्याय बनकर उभरा है। ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों में यह रूप बदल बदल कर हावी है। इसका दिखावटी जनतंत्र वाला चेहरा पाकिस्तान में सैन्य तानाशाही के रूप में कभी कभार दिख जाता है। इजरायल और भारत के अलावा बहुतेरे देश हैं जो इस्लामिक आतंकवाद से ग्रस्त हैं। हद तो यह कि कतिपय मुस्लिम देश भी शिया-सुन्नी जैसे भेदभाव मूलक आतंकवाद से त्रस्त हैं। वहीं ईसाई मुल्क भी इनके हिंसक दांवपेंच से त्रस्त हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ठीक ही कहा है कि, "अगर ईरान जैसा आतंकवादी शासन... परमाणु हथियार और उनके इस्तेमाल के साधन, बैलिस्टिक और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल कर लेता है, तो यह पूरी दुनिया को धमकाएगा। इसलिए हमने अपनी रक्षा करने का संकल्प लिया है। लेकिन ऐसा करते हुए, हम दूसरों की भी रक्षा कर रहे हैं।” शायद इसलिए प्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और परोक्ष रूप से...