नीतीश कुमार की नई सधी हुई बिहारी चाल के सियासी निहितार्थ
नीतीश कुमार की नई सधी हुई बिहारी चाल के सियासी निहितार्थ @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड सुप्रीमो नीतीश कुमार राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं। सियासत के चाणक्य श्री कुमार ने भाजपा के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी केंद्रीय राजनीतिक संभावनाओं को उभारने के लिए दिल्ली कूच करने का अप्रत्याशित फैसला लिया है। भले ही उन्होंने राज्यसभा जाने का निर्णय बिहार की राजनीति में अपेक्षित एक बड़े बदलाव के हिस्से के रूप में लिया है, लेकिन यह भी उनकी लंबे समय से चली आ रही एक अधूरी इच्छा को प्रकट/पूरा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा के ओबीसीकरण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर सवर्णों की भाजपा नीत एनडीए से बेरुखी से उपजी सियासी परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए ही उन्होंने यह नया कदम उठाया है, जिसे एक तीर से कई निशाने के तौर पर देखा जाने लगा है। देश की समाजवादी राजनीति में भी अब उनका कोई निकट प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा है। इसलिए गुरुवार, 5 मार्च 2026 को राज्यसभा की सदस्यता हेतु नामांकन दाखिल करने के साथ ही उनका अब नया भविष्य भी ज...